Shloka No.6

 जाड्यं धियो हरति सिंचति वाचि सत्यं मानोन्नतिं                                   दिशति पापमपाकरोति।

चेतः प्रसादयति दिक्षु तनोति कीर्तिं सत्संगतिः कथय किं न करोति पुंसाम्॥

Meaning:  Good friends make you wise, honest, make one respectable and keeps one away from sins. Makes happy and famous. Good company gives a man everything in life that he could ask for.

भावार्थ:   उत्तम मित्रों का साथ बुद्धि की जड़ता को हर लेता है। हमारी वाणी में सत्यता आती है। हमारा मान-सम्मान बढ़ता है। हम पापकर्म से मुक्त होते हैं। हमारा मन प्रसन्न होता है, और हमारा यश चारों दिशाओं में फैलता है। उत्तम और श्रेष्ठ मित्रों की संगति से मानव का हर प्रकार से कल्याण होता है।

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